सामान्य प्रसव के लिए क्या करना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Mon 6th Feb 2023 : 09:16

नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ाने के लिए 11 टिप्स | Normal Delivery Ke Upay

नीचे दिए गए इन टिप्स को अपनाकर कोई भी गर्भवती महिला नॉर्मल डिलीवरी होने की संभावना को बढ़ा सकती है :

1. तनाव से दूर रहें : नॉर्मल डिलीवरी की इच्छा रखने वाली गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान तनाव से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए वे चाहें तो ध्यान लगा सकती हैं, संगीत सुन सकती हैं या फिर किताबें पढ़ सकती हैं।

2. नकारात्मक बातें न सोचें : गर्भावस्था के दौरान नकारात्मक बातों से दूर रहें। डिलीवरी से जुड़ी सुनी-सुनाई नकारात्मक बातों और किस्सों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें। याद रखें कि हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है। इसलिए, दूसरों के बुरे अनुभवों की वजह से अपने भीतर डर पैदा न करें।

3. प्रसव के बारे में सही जानकारी लें : सही जानकारियां डर को दूर करती हैं। इसलिए, प्रसव के बारे में ज्यादा से ज्यादा सही जानकारी पाने की कोशिश करें। इससे गर्भवती महिला को प्रसव की प्रक्रिया को अच्छी तरह से समझने में मदद मिलती है।

4. अपनों के साथ रहें : अपनों का साथ गर्भवती महिला को भावनात्मक रूप में मजबूत बनाता है। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान हमेशा अपनों के साथ रहने की कोशिश करें।

5. सही डॉक्टर चुनें : गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए डॉक्टर का चुनाव काफी सोच-समझकर करना चाहिए। नॉर्मल डिलीवरी के लिए ऐसा डॉक्टर चुनना जरूरी है, जो गर्भवती महिला के शरीर की स्थिति के बारे में सही जानकारी देता रहे और नॉर्मल डिलीवरी कराने की कोशिश करे।

6. मदद के लिए एक अनुभवी दाई रखें : नॉर्मल डिलीवरी की चाहत रखने वाली महिलाओं को अपने पास अनुभवी दाई को रखने की सलाह दी जाती है। ऐसी दाइयों के पास नॉर्मल डिलीवरी कराने का अच्छा अनुभव होता है, इसलिए वे डिलीवरी के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। इसके अलावा, दाइयों को शिशु के जन्म के बाद की जाने वाली देखभाल की भी अच्छी जानकारी होती है।

7. शरीर के निचले हिस्से की नियमित रूप से मालिश करें : गर्भावस्था के सातवें महीने के बाद, गर्भवती महिलाएं अपने शरीर के निचले हिस्से की मालिश शुरू कर सकती हैं। इससे प्रसव में आसानी होती है और तनाव भी दूर होता है (6)।

8. खुद को हाइड्रेट रखें : गर्भवती महिलाओं को हमेशा खुद को हाइड्रेट रखना चाहिए। उन्हें खूब पानी या जूस पीना चाहिए। लेबर पेन में पानी की कमी हो सकती है, इसलिए थोड़ा-थोड़ा करके पानी पीते रहें।

9. उठने-बैठने की सही स्थिति का ध्यान रखें : गर्भवती महिला की उठने-बैठने से लेकर लेटने तक की स्थिति गर्भ में पल रहे शिशु पर असर डालती है। इसलिए, उन्हें हमेशा अपने शरीर को सही स्थिति में रखने की कोशिश करनी चाहिए। जैसे कि बैठते समय उन्हें अपनी पीठ को ठीक से सहारा देकर बैठना चाहिए।

10. वजन नियंत्रित रखें : गर्भावस्था में वजन बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन गर्भवती महिला का वजन बहुत ज्यादा भी नहीं बढ़ना चाहिए। ज्यादा वजन होने से प्रसव के समय परेशानी हो सकती है। दरअसल, मां अगर ज्यादा मोटी हो, तो शिशु को बाहर आने में कठिनाई होती है।

11. व्यायाम करें : गर्भावस्था में नियमित रूप से व्यायाम करने से नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, डॉक्टर की सलाह लेकर नियमित रूप से व्यायाम जरूर करें। साथ ही डॉक्टर की सलाह पर घर के रोजमर्रा के काम भी करते रहें।


गर्भवती महिला की खानपान और रहन-सहन की आदतें उसकी सेहत के साथ-साथ होने वाले शिशु की सेहत पर भी काफी असर डालती हैं। नीचे हम कुछ ऐसी आदतों के बारे में बता रहे हैं, जिसे नॉर्मल डिलीवरी के लिए अहम माना जाता है।

गर्भवती महिलाओं को नॉर्मल डिलीवरी के लिए अपने खानपान में डेयरी उत्पादों, हरी पत्तेदार सब्ज़ियों, सूखे मेवों, बिना वसा वाले मांस, मौसमी फलों, अंडों, बेरियों व फलियों आदि को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, उन्हें दिन भर ढेर सारा पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखना चाहिए।

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